दिल्ली धमाके के बाद सुप्रीम कोर्ट सख्त, यूएपीए आरोपी को जमानत से किया इनकार

दिल्ली धमाके के एक दिन बाद सुप्रीम कोर्ट ने यूएपीए (UAPA) के तहत गिरफ्तार एक आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ गंभीर आरोप हैं और जांच के दौरान उसके पास से भड़काऊ सामग्री बरामद की गई थी।

अदालत ने यह भी बताया कि आरोपी जिस व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ा था, उस पर आईएसआईएस जैसा झंडा दिखाया गया था, जो उसकी मंशा और संपर्कों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

आरोपी पक्ष ने दलील दी थी कि वह दिव्यांग है और बीते दो साल से जेल में बंद है, इसलिए उसे जमानत दी जानी चाहिए। हालांकि, अदालत ने यह कहते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी कि “राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और गंभीरता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक जांच पूरी नहीं होती और ठोस सबूतों पर विचार नहीं किया जाता, तब तक ऐसे मामलों में राहत नहीं दी जा सकती। अदालत का यह निर्णय देश में आतंकी गतिविधियों से जुड़े मामलों पर न्यायपालिका की कड़ी रुख को दर
दिल्ली धमाके के अगले दिन सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसलाआरोपी के पास से मिली भड़काऊ सामग्रीव्हाट्सएप ग्रुप पर आईएसआईएस जैसा झंडा मिलने का खुलासादिव्यांगता और जेल में दो साल की दलील भी नहीं बनी राहत का आधार
अदालत ने कहा — राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है

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