केंद्रीय आवास आवंटन में दिव्यांग कर्मचारियों को 4% आरक्षण

भारत सरकार ने दिव्यांग कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्रीय सरकारी आवासों के आवंटन में 4% आरक्षण की घोषणा की है। यह निर्णय 22 मई 2025 को केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा लिया गया, जिसका उद्देश्य दिव्यांगजनों को सरकारी आवास सुविधाओं तक बेहतर पहुंच प्रदान करना है।

4% आरक्षण: केंद्रीय सरकारी आवासों के सामान्य पूल आवास श्रेणी (General Pool Residential Accommodation) में दिव्यांगजनों के लिए 4% आरक्षण प्रदान किया जाएगा।

यह निर्णय ‘दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016’ (Rights of Persons with Disabilities Act, 2016) के अनुरूप है, जो दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा और उन्हें समान अवसर प्रदान करने के लिए बनाया गया है। समावेशी विकास की दिशा में कदम: यह पहल ‘सुगम्य भारत अभियान’ (Accessible India Campaign) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के दृष्टिकोण के तहत समावेशी और सुलभ भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस आरक्षण का लाभ उठाने के लिए पात्र दिव्यांग कर्मचारियों को निर्धारित प्रारूप में वैध दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।

यह निर्णय दिव्यांग कर्मचारियों के लिए सरकारी आवास प्राप्त करने में एक महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेगा, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा और वे अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे। यह सरकार की समावेशी और सुलभ समाज की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

केंद्रीय आवास आवंटन में दिव्यांग कर्मचारियों को 4% आरक्षण – मोदी सरकार का बड़ा फैसला

भारत सरकार ने दिव्यांग कर्मचारियों के अधिकारों को सशक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। अब केंद्र सरकार द्वारा दिए जाने वाले सरकारी आवासों के आवंटन में दिव्यांगजनों को 4% आरक्षण मिलेगा। यह फैसला केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने लिया है और यह “दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016” के अनुरूप है।

यह कदम दिव्यांग कर्मचारियों को न सिर्फ सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जीने में भी मदद करेगा। इसके अलावा यह निर्णय मोदी सरकार की “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के दृष्टिकोण को भी साकार करता है।

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