दी मीडिया टाइम्स डेस्क , 18 जून
International News : पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल सामने आई है। अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते के मसौदे पर प्रारंभिक सहमति बन गई है और दोनों पक्षों ने इसे आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं। मसौदे में सैन्य गतिविधियों को रोकने, समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, आर्थिक प्रतिबंधों में राहत, ईरान के पुनर्निर्माण में सहयोग तथा परमाणु कार्यक्रम पर निगरानी जैसे कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं। पश्चिम एशिया में शांति की ओर एक और कदम आगे बढ़ चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका-ईरान समझौते के मसौदे पर सहमति जताते हुए हस्ताक्षर कर दिए हैं। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, ट्रंप ने बुधवार शाम को वर्साय पैलेस में आयोजित रात्रिभोज के दौरान अमेरिका-ईरान समझौते के मसौदे पर आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर किए। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पश्चिम एशिया संघर्ष समाप्त करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के अनुसार, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी पक्ष की ओर से मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने पहले ही इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर दिए थे।ईरान ने भी की समझौते की पुष्टि
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सरकारी समाचार एजेंसी इरना के हवाले से कहा, “अमेरिका-ईरान शांति समझौता राष्ट्रपतियों के हस्ताक्षर के साथ अंतिम रूप ले चुका है। अब समझौते के क्रियान्वयन की परीक्षा का समय है।” समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर पहले शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होने थे। हालांकि, तेहरान ने कहा है कि जिनेवा में प्रस्तावित बैठक अब भी तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होगी।
इससे पहले अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते (एमओयू) का मसौदा सबके सामने रखा। यह खुलासा ऐसे समय किया गया, जब दस्तावेज की सामग्री को लेकर कई दिनों से गोपनीयता बनी हुई थी। अधिकारियों ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर मसौदे की जानकारी दी। ईरान ने अभी तक इस दस्तावेज को सार्वजनिक नहीं किया है। प्रस्तावित समझौते पर शुक्रवार को औपचारिक हस्ताक्षर होने की योजना है।
