द मीडिया टाइम्स डेस्क, 5 जून
Bihar News: बिहार में पुल गिरने का सिलसिला थम नहीं रहा है। एक मामले की वजह का खुलासा होने से पहले ही एक और पुल गिरने का खबर सामने आ जाती है। पुल गिरने का नया मामला बक्सर का है। जहां उद्घाटन से पहले ही 26.40 करोड़ रुपये की लागत से बना एक महत्वपूर्ण रेल ओवरब्रिज अचानक ध्वस्त हो गया। स्थानीय सांसद सुधाकर सिंह ने जून के इस हफ्ते में घटना की जानकारी मिलते ही मौके का दौरा किया और इसे सरकारी भ्रष्टाचार का जीता-जागता प्रमाण बताया। इस हादसे के बाद बंद पड़े पूर्वी रेल फाटक को तुरंत खोलने की मांग उठने लगी है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक पुल के निर्माण में भारी अनियमितता बरती गई थी जिसके कारण ढांचा उद्घाटन से पहले ही ध्वस्त हो गया। सांसद ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने के लिए रेल मंत्री को एक आपातकालीन पत्र भी लिखा है।
यह रेल ओवरब्रिज स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी उम्मीद था। इस प्रोजेक्ट पर सरकार ने पूरे 26.40 करोड़ रुपये खर्च किए थे। पुल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका था और केवल उद्घाटन की औपचारिकताएं बाकी थीं। इस पर गाड़ियों का आना-जाना शुरू होता पुल बीच से ही क्षतिग्रस्त होकर गिर गया।
पुल के अचानक गिर जाने से इसके निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि काम के दौरान ही इसकी मजबूती को लेकर कई बार आशंका जताई गई थी। बिना भूकंप या प्राकृतिक आपदा के पुल का ढह जाना सीधे तौर पर खराब इंजीनियरिंग को दर्शाता है।
