
द मीडिया टाइम्स डेस्क, 30 मई
Bihar news : बिहार कैडर के दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों योगेश सागर और अभिलाषा शर्मा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोपों के बाद सम्राट सरकार यानी बिहार सरकार ने निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है और मामले को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है। IAS अधिकारी योगेश कुमार सागर और अभिलाषा शर्मा टेंडर घोटाले में ED की जांच का सामना कर रहे हैं। दोनों ठेकेदार रिशुश्री से गलत लाभ लेने के आरोप के चलते मुसीबत में हैं। ED ने इनके खिलाफ जांच की और आगे की कार्रवाई के लिए SVU (स्पेशल विजिलेंस यूनिट) को पत्र भी लिखा था। रिशुश्री ने योगेश कुमार सागर और उनके 8 रिश्तेदारों को यूरोप की यात्रा कराई। 22 जून 2024 से 30 जून 2024 तक हुई इस यात्रा में योगेश और उनके परिवार के 8 लोग ऑस्ट्रिया के वियाना, साल्जबर्ग और वॉल्फगैंग शहर घूमे। आलीशान होटलों में ठहरे। हवाई यात्रा और विदेशी होटलों के रुकने पर 21.92 लाख रुपए खर्च हुए। पैसे रिशुश्री ने दिए। 2017 बैच के IAS अधिकारी योगेश कुमार सागर समाज कल्याण विभाग में तैनात थे। योगेश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली के हैं। उन्होंने 2012 में लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी से MBBS किया था। जबकि, अभिलाषा शर्मा 2014 बैच की IAS अधिकारी हैं । उन्होंने अपने करियर की शुरुआत गृह मंत्रालय नई दिल्ली से की थी। बिहार में आने के बाद वे कई महत्वपूर्ण पदों पर रहीं, जिनमें सीतामढ़ी की DM भी शामिल है। बाद में उन्होंने वित्त विभाग में संयुक्त सचिव के तौर पर काम किया। वर्तमान में वे ग्रामीण विकास विभाग में अतिरिक्त CEO और डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर तैनात हैं। दरअसल, बिहार में चर्चित टेंडर घोटाले और कथित भ्रष्टाचार के मामले में स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में चर्चित ठेकेदार रिशु श्री को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, SVU की टीम उन्हें उनके आवास से पूछताछ के लिए अपने साथ लेकर गई और तब से लगातार उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। हालांकि अब तक एजेंसी की ओर से उनकी गिरफ्तारी की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
