JHARKHAND EDUCATION: शैक्षणिक प्रदर्शन में अव्वल रहा पूर्वी सिंहभूम, धनबाद और हजारीबाग जिले की भी रैंकिंग में सुधार

द मीडिया टाइम्स डेस्क, 12 जून

 

Jharkhand News: स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और केपीएमजी की समीक्षा रिपोर्ट में पूर्वी सिंहभूम ने 77.95 प्रतिशत स्कोर के साथ पूरे झारखंड में पहला स्थान हासिल किया है।

झारखंड की स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और देश की प्रतिष्ठित कंसल्टिंग एजेंसी केपीएमजी ने संयुक्त रूप से अप्रैल-मई 2026 जिला शिक्षा प्रदर्शन समीक्षा रिपोर्ट (12वां संस्करण) जारी किया, जिसमें एक बड़ा और ऐतिहासिक उलटफेर देखने को मिला है। राज्य के सभी 24 जिलों के शैक्षणिक प्रदर्शन, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक दक्षता के कड़े मूल्यांकन में पूर्वी सिंहभूम जिला पूरे झारखंड में अव्वल (रैंक-1) घोषित किया गया है। यह उपलब्धि शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक दक्षता, स्कूल की निगरानी और डेटा-आधारित प्रबंधन के संयुक्त प्रयासों का प्रतिफल बताया गया है। यह सफलता किसी एक परिणाम की नहीं, बल्कि बेहतर शिक्षा, कुशल प्रशासन और लगातार मॉनिटरिंग के सामूहिक प्रयासों की कहानी है। डीइओ मनोज कुमार और डीएसई आशीष कुमार पांडेय की टीम ने धरातल पर जवाबदेही तय की, जिसका सीधा असर अब राज्य स्तरीय रैंकिंग में साफ दिखाई दे रहा है।

पिछले पांच महीनों के ट्रैक रिकॉर्ड को देखें, तो जिले का प्रदर्शन सुधर रहा है। मार्च महीने में चौथे स्थान पर रहने वाले पूर्वी सिंहभूम ने इस बार सीधे तीन पायदानों की छलांग लगाकर शीर्ष स्थान पर काबिज रामगढ़ और लोहरदगा को पीछे छोड़ दिया है। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि कक्षा प्रक्रियाओं पर लगातार ध्यान, समय पर डेटा रिपोर्टिंग और मजबूत जिला स्तरीय समन्वय के कारण ही जिला इस मुकाम पर पहुंचा है।

समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार कुल 13 प्रमुख संकेतकों (हाई प्रायोरिटी- 70% और इनेबलर्स- 30%) के आधार पर सूचकांक तैयार किया गया है। राज्य के टॉप-5 और बॉटम-3 जिलों का स्कोर कार्ड इस प्रकार है। रिपोर्ट के मुताबिक जहां दुमका (13), धनबाद ( 9) और हजारीबाग (9) जैसे जिलों ने अपने प्रदर्शन में बड़ा सुधार किया है, वहीं खूंटी (-12) और गढ़वा (-15) जैसे जिलों की रैंकिंग में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

पूरे झारखंड में पूर्वी सिंहभूम 128 स्कूलों के साथ पहले स्थान पर है, जहां एक भी छात्र फेल नहीं हुए। इस मामले में इसने गुमला (127 स्कूल) और दुमका (100 स्कूल) को भी पछाड़ दिया है। जिले के 8 स्कूलों के सभी छात्र फर्स्ट डिवीजन से पास हुए हैं जिले में केवल 4 स्कूल ऐसे रहे, जहां 20% से अधिक छात्र फेल हुए, जो राज्य के अन्य बड़े जिलों (जैसे रांची में 14 और पश्चिमी सिंहभूम में 15) की तुलना में बहुत बेहतर है। पूर्वी सिंहभूम का मैट्रिक का औसत पास प्रतिशत 98.0% दर्ज किया गया है, जो राज्य के बेहतरीन प्रदर्शनों में से एक है।

इंटरमीडिएट के तीनों संकायों (विज्ञान, वाणिज्य और कला) में पूर्वी सिंहभूम के स्कूलों ने अपनी मेधा का लोहा मनवाया है। जिले के 8 स्कूलों में तीनों स्ट्रीम के सभी विद्यार्थी शत-प्रतिशत पास हुए हैं, जो हजारीबाग, रांची और धनबाद जैसे शिक्षा के हब माने जाने वाले जिलों से कहीं अधिक है। वहीं, 100% फर्स्ट डिवीजन के मामले में विज्ञान में 21 स्कूल, वाणिज्य में 13 स्कूल और कला में 3 स्कूलों के सभी छात्रों ने फर्स्ट डिवीजन लाकर जिले का नाम रोशन किया है।

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