पटना, 9 मई | बिहार के नए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने पदभार ग्रहण करते ही टीआरई-4 शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि टीआरई-4 प्रक्रिया में जहां भी दिक्कत है, उसकी पहचान कर जल्द समाधान किया जाएगा। मंत्री ने दावा किया कि एक सप्ताह के भीतर समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। उनके इस बयान के बाद लंबे समय से आंदोलन कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों में नई उम्मीद जगी है।
शुक्रवार को शिक्षा विभाग में पदभार संभालने के बाद मिथिलेश तिवारी ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की और टीआरई-4 भर्ती प्रक्रिया की पूरी स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसी भी बहाली को फंसने नहीं दिया जाएगा और सरकार अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखकर फैसला लेगी। उन्होंने विभाग में सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर भी जोर दिया।
शिक्षा मंत्री ने आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों से शांत रहने और प्रदर्शन खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा, “विरोध प्रदर्शन मत कीजिए, घर लौट जाइए। सरकार अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के लिए तैयार है और हर समस्या का समाधान निकाला जाएगा।” मंत्री ने यह भी कहा कि अभ्यर्थियों को जल्द “सकारात्मक गिफ्ट” मिलेगा, इसलिए धैर्य बनाए रखने की जरूरत है।
दरअसल, टीआरई-4 भर्ती प्रक्रिया में देरी और करीब 46 हजार से अधिक रिक्त पदों पर अधिसूचना जारी नहीं होने को लेकर अभ्यर्थियों में लंबे समय से नाराजगी है। 8 मई को पटना में हजारों अभ्यर्थियों ने बड़ा प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान कई जगहों पर तनाव की स्थिति भी बनी थी और पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठे थे।
मिथिलेश तिवारी के इस बयान को सरकार की ओर से बड़ा संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि लगातार बढ़ते दबाव और युवाओं के गुस्से के बीच सरकार अब टीआरई-4 मामले को जल्द सुलझाने की कोशिश में है। फिलहाल अभ्यर्थियों की नजर अब सरकार के अगले कदम और आने वाले एक सप्ताह पर टिकी हुई है।
