लोधा बेलमोंडो सोसाइटी, पुणे: फुटपाथ पर आवारा कुत्तों को खिलाने को लेकर विवाद, निवासियों में नाराजगी

पुणे: शहर की प्रीमियम आवासीय परियोजनाओं में शामिल लोधा बेलमोंडो सोसाइटी के बाहर आवारा कुत्तों को खिलाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। देर रात पैदल मार्ग और मुख्य प्रवेश द्वार के पास कुत्तों को खाना खिलाने पर एक निवासी ने आपत्ति जताई, जिसके बाद मौके पर तनाव का माहौल बन गया।

घटना मंगलवार रात करीब 9:30 बजे की है। एक महिला अपने बच्चे के साथ सोसाइटी गेट के फुटपाथ पर लगभग 20–25 आवारा कुत्तों को भोजन दे रही थीं। निवासियों के अनुसार यह स्थान पिछले कई दिनों से नियमित रूप से कुत्तों को खिलाने का केंद्र बन गया है, जिससे पूरे दिन राहगीरों, बुजुर्गों, डिलीवरी कर्मियों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

कई निवासियों ने शिकायत की है कि कुत्ते गेट के पास दोपहिया और कारों का पीछा भी करते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ रहा है।

आपत्ति जताने वाली महिला निवासी का कहना है कि उन्होंने केवल भोजन स्थान को थोड़ा हटाकर सुरक्षित जगह पर करने का अनुरोध किया था, ताकि फुटपाथ अवरुद्ध न हो। लेकिन उनका आरोप है कि उनकी बात पर आक्रामक प्रतिक्रिया दी गई और मौके पर अन्य लोग भी बुला लिए गए, जिससे स्थिति “धमकाने और डराने जैसी” हो गई।

“मैंने सिर्फ सुरक्षा की बात की थी, लेकिन मुझे बदतमीजी से डांटा गया और वहां से भगा दिया गया। यह सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है,” उन्होंने कहा।

निवासियों का कहना है कि वे कुत्तों को खिलाने के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि केवल यह चाहते हैं कि यह प्रक्रिया ऐसी जगह हो जहां रास्ता न बाधित हो और किसी को परेशानी न हो — खासकर सोसाइटी के मुख्य प्रवेश द्वार पर, जहां परिवार, बुजुर्ग और सेवा प्रदाता लगातार आते-जाते हैं।

जानकारी के अनुसार, पशु कल्याण बोर्ड के दिशा-निर्देश भी यही सुझाव देते हैं कि सामुदायिक कुत्तों को निर्धारित स्थानों पर और ऐसे ढंग से खिलाया जाए जिससे पैदल मार्ग अवरुद्ध न हो और सार्वजनिक असुविधा या खतरा उत्पन्न न हो।

सोसाइटी के आंतरिक प्लेटफॉर्म पर शिकायत दर्ज की गई है। निवासी मैनेजमेंट से अनुरोध कर रहे हैं कि दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित फीडिंग ज़ोन बनाया जाए और सुरक्षा की तैनाती सुनिश्चित हो ताकि भविष्य में ऐसे विवाद न हों।

घटना में शामिल महिला निवासी पुलिस में एनसी (नॉन-कॉग्निजेबल एंट्री) दर्ज कराने पर भी विचार कर रही हैं, ताकि कथित धमकाने की घटना का रिकॉर्ड रहे।

शहर की आधुनिक हाउसिंग सोसाइटीज़ में निवासियों की सुरक्षा और पशु कल्याण के बीच संतुलन बनाने की चुनौती लगातार बढ़ती जा रही है। यह मामला बताता है कि स्पष्ट नियम, संवाद और नियत फीडिंग क्षेत्रों की आवश्यकता अब पहले से अधिक महत्वपूर्ण है।

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