द मीडिया टाइम्स डेस्क, 16 जून
Bihar News : बिहार में अब शराब माफियाओं की खैर नहीं। शराबबंदी कानून को और सख्ती से लागू करने के लिए सम्राट सरकार ने शराब माफियाओं के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। राज्य में अवैध शराब के कारोबार से संपत्ति बनाने वाले 127 शराब माफियाओं की पहचान की गई है। अब उनकी संपत्तियां जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो ने इन शराब माफियाओं की संपत्तियां जब्त करने के लिए बीएनएसएस की धारा 107 के तहत न्यायालय को प्रस्ताव भेजा है। सरकार का मानना है कि केवल गिरफ्तारी से ही नहीं, बल्कि अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों पर कार्रवाई करके शराब कारोबार की कमर तोड़ी जा सकती है। मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के डीआईजी अजय कुमार पांडेय ने सोमवार को प्रेस वार्ता में बताया कि वर्ष 2026 में बिहार पुलिस ने हर महीने औसतन 3.50 लाख लीटर से अधिक शराब बरामद की है। यह आंकड़ा वर्ष 2025 के मासिक औसत 3.14 लाख लीटर की तुलना में करीब 11 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो ने प्रतिमाह औसतन 1.06 लाख लीटर शराब जब्त की है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा मई 2026 तक राज्य पुलिस ने 38,474 लीटर स्पिरिट भी जब्त की है।राब तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए बिहार पुलिस ने राज्य की सीमाओं के बाहर भी अभियान चलाया है। इस वर्ष मई तक कुल छह विशेष अभियान संचालित किए गए। इनमें पांच अभियान उत्तर प्रदेश में और एक अभियान झारखंड में चलाया गया। इन अभियानों के दौरान पांच करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की शराब और वाहनों को जब्त किया गया।शराबबंदी कानून के तहत इस वर्ष अब तक बड़े स्तर पर गिरफ्तारियां भी हुई हैं। डीआईजी के अनुसार मई 2026 तक कुल 57 हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 19,877 शराब कारोबारी और 37,027 शराब पीने वाले शामिल हैं। बिहार के भीतर से 569 शराब कारोबारियों को पकड़ा गया है, जबकि दूसरे राज्यों से जुड़े पांच बड़े शराब तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। मद्य निषेध विभाग के अनुसार अप्रैल 2016 से मई 2026 तक जब्त की गई शराब का 97 प्रतिशत हिस्सा नष्ट किया जा चुका है। विभाग का कहना है कि शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने और तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।सरकार की नई रणनीति साफ है कि अब सिर्फ शराब तस्करों की गिरफ्तारी ही नहीं होगी, बल्कि अवैध कारोबार से अर्जित उनकी संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। 127 शराब माफियाओं की संपत्तियां जब्त करने की प्रक्रिया इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में सक्रिय शराब तस्करों को कड़ा संदेश मिलेगा और अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
