द मीडिया टाइम्स डेस्क
पटना, 18 मई : बिहार ने अपने आर्थिक विकास के सफर में एक नया इतिहास रच दिया है। राज्य स्तरीय बैंकिंग समीक्षा बैठक में खुलासा हुआ कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहार का ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) पहली बार 60 प्रतिशत के पार पहुंच गया है। विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने बताया कि राज्य का सीडी रेशियो बढ़कर 60.21 प्रतिशत हो गया है, जो बिहार की मजबूत होती अर्थव्यवस्था और बैंकिंग व्यवस्था में बढ़ते भरोसे का संकेत है।
बैंक का नाम सीडी रेशियो स्टेट
को-ऑपरेटिव बैंक 168.78%
बंधन बैंक 153.32%
बैंक ऑफ महाराष्ट्र 145.72%
एचडीएफसी बैंक 95.87%
कोटक महिंद्रा बैंक 95.57%
आईसीआईसीआई बैंक 82.37%
एक्सिस बैंक 77.16%
बिहार ग्रामीण बैंक 64.95%
पंजाब एंड सिंध बैंक 64.26%
जम्मू एंड कश्मीर बैंक 63.11%
– 44% से 60% तक पहुंचा बिहार, निवेश और स्वरोजगार को मिला बढ़ावा
वित्तीय वर्ष 2018-19 में बिहार का सीडी रेशियो केवल 44.09 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 60.21 प्रतिशत तक पहुंच गया है। राज्य में बैंकों की कुल जमा राशि 6,15,428 करोड़ रुपये हो गई है, जबकि कुल ऋण वितरण 3,70,563 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में जमा राशि में 51,983 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं ऋण वितरण में 37,882 करोड़ रुपये का बड़ा इजाफा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि कृषि, एमएसएमई और स्वरोजगार गतिविधियों में तेजी का परिणाम है।
– किसानों के लिए बड़ी पहल, 19 मई से शुरू होंगे ‘सहयोग शिविर’
राज्य सरकार अब कृषि क्षेत्र में ऋण वितरण को और तेज करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 19 मई से राज्यभर में ‘सहयोग शिविर’ की शुरुआत करेंगे।
